हेलो स्टूडेंट्स! उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत फ्री स्मार्टफोन और टैबलेट का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण लेटेस्ट अपडेट सामने आया है। जिन भी छात्र-छात्राओं ने अभी तक डिजीशक्ति पोर्टल (DigiShakti Portal) पर अपना आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Verification) पूरा नहीं किया है, उनका नाम इस योजना की लाभार्थी सूची से बाहर हो सकता है।
आज के इस आर्टिकल में हम शासन द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस, आधार वेरिफिकेशन की आवश्यकता और छात्रों के लिए आगे की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे ताकि कोई भी स्टूडेंट इस योजना के लाभ से वंचित ना रहे।
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UP Free Smartphone Yojana 2026 Aadhaar Verification Update |
डिजीशक्ति पोर्टल: क्या है लेटेस्ट अपडेट? (Latest Official Update)
UPDESCO और राज्य सरकार के निर्देशानुसार, छात्रों को फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन का वितरण जल्द ही शुरू किया जाना है। इसके लिए 25 लाख नए टैबलेट खरीदे जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद सभी जिलों में वितरण का कार्य तेजी से संपन्न होगा। लेकिन, इस वितरण से पहले सभी पात्र लाभार्थियों का आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
| मुख्य विवरण (Key Details) | आधिकारिक जानकारी (Official Stats) |
|---|---|
| वितरण का नया लक्ष्य | योजना के तहत 25 लाख टैबलेट का वितरण प्रक्रियाधीन |
| लंबित वेरिफिकेशन (Pending Data) | लाखों छात्रों का डेटा विभाग द्वारा लॉक्ड है, लेकिन वेरिफिकेशन पेंडिंग है |
| प्रमाणीकरण पोर्टल | https://digishakti.up.gov.in |
आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य क्यों किया गया?
शासन के संज्ञान में आया है कि पोर्टल पर कई छात्रों का डेटा उपलब्ध है, लेकिन वितरण में पूरी पारदर्शिता लाने और डेटा की डुप्लीकेसी (Duplicacy) को रोकने के लिए आधार वेरिफिकेशन (Aadhaar Verification) का सख्त कदम उठाया गया है।
प्रक्रिया कैसे काम करती है? सबसे पहले कॉलेज छात्रों का डेटा अपलोड करते हैं, फिर यूनिवर्सिटी उसे अप्रूव करती है और संबंधित विभाग उसे लॉक करता है। इसके बाद, जब छात्र स्वयं पोर्टल पर जाकर अपना आधार वेरीफाई करते हैं, तभी उनका नाम डिवाइस प्राप्त करने की अंतिम सूची (Final Eligibility List) में शामिल किया जाता है।
महाविद्यालयों को मिली सख्त चेतावनी (Strict Warning to Colleges)
आधार वेरिफिकेशन में हो रही लापरवाही और उदासीनता को लेकर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (कपिलवस्तु) सहित प्रशासन ने सभी नोडल अधिकारियों और प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र का नाम, जन्मतिथि, लिंग और आधार संख्या उनके आधार कार्ड के रिकॉर्ड से बिल्कुल (त्रुटिरहित) मेल खाती हो।
- अगर किसी छात्र का वेरिफिकेशन रिजेक्ट (Rejected) हो गया है, तो कॉलेज तुरंत उसके विवरण में सुधार कर दोबारा सत्यापन की कार्यवाही पूरी करवाएं।
- नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि इस लापरवाही के कारण कोई छात्र योजना के लाभ से वंचित रहता है, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा और संबंधित प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
💡 छात्रों के लिए जरूरी स्टेप्स: अब आपको क्या करना चाहिए? (Pro Tip)
अगर आप वर्तमान सत्र में अध्ययनरत हैं, तो आपको अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। सबसे पहले आप DigiShakti Portal (https://digishakti.up.gov.in) पर दिए गए लिंक के माध्यम से या अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी (DigiShakti Nodal Officer) से संपर्क करके अपना आधार प्रमाणीकरण पूरा कराएं। यदि आपके 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड के नाम या जन्मतिथि (DOB) में कोई अंतर है, तो उसे तुरंत UIDAI सेंटर जाकर सुधरवाएं, अन्यथा वेरिफिकेशन फेल हो सकता है।
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